Type Here to Get Search Results !

Breaking News Animation

Category (Heading)

Live TV & E Paper

रवान परिक्षेत्र में वनों की अवैध कटाई, रक्षक ही बने भक्षक

रवान परिक्षेत्र में वनों की अवैध कटाई, रक्षक ही बने भक्षक

 कसडोल-बार। छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम अंतर्गत बारनवापारा परियोजना मंडल के रवान परिक्षेत्र में वनों की अवैध कटाई चरम पर है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह सब कुछ यहां के रेंजर हिरऊ राम पैंकरा के लापरवाही से हो रहा है।ग्रामीण सुत्रो से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस क्षेत्र में अलग-अलग वन कक्षों में बीते दो तीन वर्षों के भीतर प्लांटेशन के नाम पर भी निगम के लाखों रुपए पानी की तरह बहाया गया जहां से पेड़ पौधे का विकास तो नहीं हुआ बल्कि यहां के भ्रष्टाचारी रेंजर और उनके चहेते अधिकारी कर्मचारियों का आर्थिक विकास जरुर हुआ है। 

बताया जाता है कि यहां के रेंजर हिरऊ राम पैंकरा छत्तीसगढ़ राज्य के वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैंकरा के साथ अपनी मधुर संबंध होने का धौंस दिखाता है, और उनके प्रभाव से मनमर्जी कार्य कर रहा है। अपने अधिनस्थ छोटे कर्मचारियों को प्रताड़ित कर वे स्वयं को शेर समझने लगा है। वे अपने करतूत को दबाने के लिए लाखों रुपए खर्च करने में भी पीछे नहीं हटते हैं। 

अपनी नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर कुछ ग्रामीण बताते की बारनवापारा परियोजना मंडल के वनों के बहुमुल्य सागौन लकड़ी अवैध रुप से कटाई करवा कर बेचने से लेकर कोडार काष्ठागार में प्रभार के दौरान वे कोडार डीपो के लाट नं.887 के लकड़ी को डबल लाट बनाकर निलाम कर बेचा गया। अब पता नहीं डबल लाट बनवाकर लकड़ी की पूर्ति कहां से किया गया होगा? निश्चित ही निगम के वनो‌ की सागौन की अवैध कटाई की लड़कियों को कटवा कर पूर्ति किया गया था। जिसकी जांच को उनके चहेते निगम के बड़े अधिकारियों ने लक्ष्मी जी की कृपा से लिपापोती जरुर कर दिया गया है। लेकिन फाइल खुलने पर बड़े राज से पर्दा उठ सकता है। और इससे एक ना एक दिन पर्दा जरूर उठेगा। निगम के बड़गांव वन कक्ष 97 में भी नीलगिरी प्लांटेशन एवं वन कक्ष 98 सागौन प्लांटेशन में भी जमकर अनियमितता किया गया है जिससे यहां निलगिरी व सागौन प्लांटेशन में निगम को वर्षों बाद भी एक लट्ठा भी उत्पादन के रूप में लाभ नहीं मिल पाया है जल्द ही इसके जांच के लिए निगम मुख्यालय में शिकायत किया जाएगा। जिससे दूध का दूध और पानी का पानी होगा और निगम को चूना लगाने वाले जिम्मेदार दोषी अधिकारी कर्मचारियों की पोल खुलेगी।


लोग बताते हैं कि एक वन कक्ष में तो कुप कटाई के लिए मार्किंग किए गए पेड़ों को ना कटवाकर अपने मनपसंद इमारती लकड़ियों को कटवा कर निर्धारित घन मीटर की लकड़ी पूर्ति किया गया है जो अवैध कटाई के श्रेणी में आता है अगर मार्किंग किए गए वृक्षों को नहीं काटा गया है तो निर्धारित लक्ष्य को कैसे पूरा किया गया? निश्चित ही अवैध रूप से मनमर्जी ढंग से जंगलों से लड़कियों को काटा गया और पूर्ति किया गया होगा। और सागौन लकड़ी की हेराफेरी भी किया गया होगा इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है। कुछ ग्रामीण बताते हैं कि ये अधिकारी फर्जी मस्टर रोल बनाकर भी निगम को चूना लगाने में पीछे नहीं हटता है। मजदूरों के नाम से बैंक खाता और एटीएम बनवाकर अपने पास में रख लेता है आर भारी भरकम फर्जी मस्टर रोल बनाकर निगम की धनराशि को गबन करने की साज़िश रच राशि आहरण कर पैसे को स्वयं निकाल कर रख लेता था और मजदूरों को कुछ पैसे देकर उन्हें हमेशा काम देने का प्रलोभन देता था।


 लोग बताते हैं कि उनके द्वारा एक जगह चॉइस सेंटर भी खोला गया था जहां सिर्फ मजदूरों की खाता खोला जाता था। जहां मजदूरों के नाम से पैसा निकाल कर निगम के धनराशि की हेर फेर भी किया करता था जहां से उन्होने लाखों रुपए की वित्तीय अनियमितताऐं किया है।

कुछ सूत्र बताते हैं कि यह हिरऊ राम अधिकारी इतने खुराफाती स्वभाव किस्म के अधिकारी है की स्वयं की छोटी सी नाकामियों के उजागर हो जाने से वे तिलमिला उठते है। लेकिन वे अपने कार्यप्रणाली मे सुधार नहीं करते और निगम का लुटिया डुबोने में लगे रहते हैं। आगे खबरों के लिए बने रहिए क्रमशः....

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Below Post Ad

खबर एवं विज्ञापन लगवाने के लिए संपर्क करें 8959599895 पर। या हमें ई मेल करें cg24live.news@gmail.com पर।