सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वन मंडल बलौदाबाजार अंतर्गत देवपुर वन परिक्षेत्र के तेंदुचुवां बीट कक्ष क्रमांक 297 में एक सांभर मृत अवस्था में पाया गया। जिसके शरीर के कुछ हिस्से गायब हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि मांसाहारी जानवरों ने खा लिया है। आपको बता दें कि सांभर एक दुर्लभ प्रजाति का वन्य जीव है, जो कि हिरण का ही एक प्रजाति है।
सांभर की मौत की सूचना देने के लिए देवपुर वन परिक्षेत्र के रेंजर संतोष पैकरा को फोन के माध्यम से संपर्क करने की कोशिश की गई। परंतु इन साहब ने कॉल रिसीव करना जरूरी नहीं समझा। वन्य प्राणियों की इस तरह का संदेहास्पद मौत होना एक बड़ा सवाल है। लोगों के द्वारा वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को जानकारी देने के बाद भी वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। ऐसे में आखिर कब तक इन मासूम बेजुबान जानवरों की ऐसी मौतें होती रहेंगी। क्या ये कर्मचारी-अधिकारी सिर्फ सरकार से तनख्वाह लेने के लिए बैठे हैं? क्या इनकी कोई जिम्मेदारी नहीं बनती? इस तरह की लापरवाही आखिर कब तक चलेगी? विभाग की इसी तरह की लापरवाही के कारण ही वन अपराध को बढ़ावा मिल रहा है। वनों और वन्य प्राणियों की रक्षा करना इनका प्रथम कर्तव्य है। और इनको अपने जिम्मेदारी और कर्तव्य के प्रति सजग रहना अत्यंत आवश्यक है।




.png)
.png)
.png)
.png)