सरगुजा (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले स्थित परसापारा गांव में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहाँ एक बुजुर्ग दंपत्ति की कुल्हाड़ी जैसे धारदार हथियार से हत्या कर उनके शवों को बोरियों में बंद कर दिया गया। मृतकों की पहचान हीराधर यादव (55) और उनकी पत्नी गुलाबी यादव (52) के रूप में हुई है। पुलिस को इस दोहरे हत्याकांड में मृतक दंपत्ति के बड़े बेटे पर शक है, जो घटना के बाद से फरार है।
घटना का खुलासा कैसे हुआ?
- खून से सनी बोरियां: वारदात का खुलासा सोमवार को तब हुआ जब दंपत्ति का छोटा बेटा मोहन अपने माता-पिता के घर पहुँचा। कमरे के अंदर खून से सनी बोरियां देखकर वह दंग रह गया।
- पुलिस को सूचना: मोहन अपने परिवार के साथ अलग रहता था। उसने तुरंत स्थानीय पुलिस को मामले की जानकारी दी।
- शवों की बरामदगी: मौके पर पहुँची पुलिस टीम ने कमरे से दोनों शव बरामद कर पंचनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया।
धारदार हथियार से सिर पर वार
पुलिस अधिकारियों के प्राथमिक निरीक्षण के अनुसार:
- दोनों मृतकों के सिर पर कुल्हाड़ी जैसे भारी व धारदार हथियार से गहरे और गंभीर वार किए गए थे।
- आशंका जताई जा रही है कि हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने और पहचान छुपाने के उद्देश्य से शवों को बोरियों में कसकर कमरे में बंद कर दिया गया था।
मानसिक रूप से बीमार बड़ा बेटा फरार, पुलिस को गहरा शक
- संदेह के घेरे में बड़ा बेटा: इस मामले में पुलिस का प्राथमिक संदेह दंपत्ति के बड़े बेटे जादू यादव (34) पर है, जो वारदात के बाद से ही मौके से फरार है।
- पारिवारिक पृष्ठभूमि: छोटे बेटे मोहन ने पुलिस को बताया कि जादू अविवाहित है और उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहती है।
- तलाश अभियान: पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश देकर फरार बेटे की तलाश कर रही हैं।
आगे की जांच और स्थिति
पुलिस का बयान: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। वारदात की मुख्य वजह और समय का सटीक पता आरोपी की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
इस नृशंस वारदात के बाद से पूरे परसापारा गांव में दहशत और सनसनी का माहौल है। पुलिस मामले की हर पहलू से बारीकी से जांच कर रही है।

