आंगनबाड़ी व्यवस्था की पोल खोलती विधायक कविता प्राण लहरे, सरकार को कटघरे में खड़ा किया
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छत्तीसगढ़ 24 ख़बर
Bilaigarh न्यूज़
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बिलाईगढ़। छत्तीसगढ़ विधानसभा के सीतकालीन सत्र में बिलाईगढ़ विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती कविता प्राण लहरे ने आंगनबाड़ी केंद्रों की बदहाल स्थिति को लेकर सरकार को घेरते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए।
विधायक कविता प्राण लहरे द्वारा लगाए गए प्रश्न के जवाब में सरकार को सदन में स्वीकार करना पड़ा कि बिलाईगढ़ क्षेत्र में संचालित 634 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 170 केंद्र भवनविहीन, 162 केंद्र शौचालयविहीन और 421 केंद्रों में बिजली की सुविधा तक नहीं है। यह आंकड़े सरकार के बच्चों और महिलाओं के पोषण एवं विकास के दावों की हकीकत उजागर करते हैं।
विधायक लहरे ने कहा कि जिन आंगनबाड़ी केंद्रों में नन्हे बच्चे और गर्भवती व धात्री महिलाएं आती हैं, वहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव होना अत्यंत शर्मनाक है। उन्होंने यह भी उजागर किया कि कई केंद्र वर्षों से किराए के या अस्थायी स्थानों पर संचालित हो रहे हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा और पोषण दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
सदन में यह भी सामने आया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के 07 पद और सहायिकाओं के 06 पद रिक्त हैं, जिससे योजनाओं का क्रियान्वयन बाधित हो रहा है। विधायक ने सरकार से सवाल किया कि जब ज़मीनी स्तर पर कर्मचारी ही नहीं होंगे, तो योजनाएं कैसे सफल होंगी?
कविता प्राण लहरे की इस मुखरता की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे लगातार महिलाओं, बच्चों और ग्रामीण परिवारों से जुड़े मुद्दों को निडरता के साथ विधानसभा में उठा रही हैं और सरकार को जवाबदेह बना रही हैं।
विधायक कविता प्राण लहरे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “आंगनबाड़ी केवल एक भवन नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य की नींव है।"



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