आंकड़े बता रहे हैं कि, राज्यभर में हर माह 100 से ज्यादा मामले आ रहे हैं। उच्च न्यायालय की सहमति से एनडीपीएस एक्ट 1985 की धारा 36(2) के तहत गठित ये विशेष अदालतें अब केवल मादक पदाथों से जुड़े मामलों की सुनवाई करेंगी। इससे ड्रग तस्करी, प्रतिबंधित पदार्थों की सप्लाई और अवैध कारोबार से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे का रास्ता साफ होगा। मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ न्यायालय एनडीपीएस के प्रकरणों की नियमित सुनवाई कर रहा है। यही कारण है कि रायपुर में पंकज सिन्हा, किरण थवाइत तथा शैलेश शर्मा ने पिछले चार महीने में 62 एनडीपीएस के प्रकरणों की सुनवाई करते हुए तस्करों को सजा सुनाई है।
इन न्यायाधीशों को मिली जिम्मेदारी
राज्य शासन द्वारा रायपुर में गठित एक्सक्लूसिव स्पेशल एनडीपीएस कोर्ट की जिम्मेदारी दसवीं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश किरण थवाइत को सौंपी गई है। बिलासपुर में तृतीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश किरण त्रिपाठी को विशेष न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। वहीं महासमुंद जिले के सरायपाली क्षेत्र के लिए प्रथम जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश पवन कुमार अग्रवाल को विशेष न्यायाधीश बनाया गया है। अधिसूचना के अनुसार इन अदालतों का अधिकार क्षेत्र संबंधित सिविल जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा तय कार्य विभाजन के अनुरूप रहेगा।

