कंस्ट्रक्शन की दुनिया में नई क्रांति: लोहे की जगह क्यों छाया फाइबर सरिया?
नई दिल्ली: घर या किसी बड़ी इमारत के निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका सरिए (Rebar) की होती है। अब तक मजबूती के लिए सिर्फ TMT स्टील सरिए पर ही भरोसा किया जाता था, लेकिन आधुनिक कंस्ट्रक्शन में GFRP (Glass Fiber Reinforced Polymer) सरिया तेजी से उसकी जगह ले रहा है।
ग्लास फाइबर और खास पॉलीमर रेजिन से तैयार यह सरिया देखने में हल्का और फाइबर जैसा लगता है, लेकिन इसकी कार्यक्षमता लोहे से कहीं बेहतर साबित हो रही है।
TMT की तुलना में GFRP सरिया क्यों है बेहतर?
100% जंग-मुक्त (Rust-Free): लोहे के सरिए में नमी और पानी से जंग लगने का खतरा रहता है, जिससे कंक्रीट में दरारें आ जाती हैं। GFRP सरिए में कभी जंग नहीं लगती, जिससे घर की उम्र 80 से 100 साल तक खिंच जाती है।
दोगुनी खिंचाव क्षमता (Tensile Strength): वजन के अनुपात में यह पारंपरिक TMT स्टील के मुकाबले 2 से 3 गुना ज्यादा लोड और खिंचाव सहने की क्षमता रखता है।
75% तक हल्का वजन: यह लोहे के मुकाबले लगभग एक-चौथाई वजन का होता है। हल्का होने की वजह से इसे ट्रांसपोर्ट करना और साइट पर लगाना बेहद आसान और सस्ता पड़ता है।
लागत में बचत: वजन हल्का होने और मेंटेनेंस की जरूरत न पड़ने के कारण प्रोजेक्ट की कुल लागत में काफी बचत होती है।
बिजली व चुंबकत्व का कुचालक: इसमें करंट नहीं फैलता और न ही यह मैग्नेटिक फील्ड बनाता है। इसी वजह से यह अस्पतालों (MRI रूम), पावर प्लांट और बेसमेंट के लिए अनिवार्य विकल्प बनता जा रहा है।
किन बातों का रखें ध्यान?
GFRP सरिए को साइट पर साधारण लोहे की तरह मोड़ा (Bend) नहीं जा सकता; इसके बैंड्स और रिंग्स फैक्ट्री से ही कस्टमाइज होकर आते हैं।
अत्यधिक आग या उच्च तापमान से बचाने के लिए इसके ऊपर कंक्रीट का पर्याप्त कवर होना जरूरी है।
निष्कर्ष: कम लागत, 100 साल की उम्र और जंग से पूरी सुरक्षा के कारण आधुनिक घरों, वाटर टैंक और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में GFRP सरिया TMT का सबसे मजबूत और टिकाऊ विकल्प बनकर उभर चुका है।

