छत्तीसगढ़ 24 Live न्युज़
रायपुर। बिलाईगढ़ विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती कविता प्राण लहरें ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में क्षेत्र के किसानों के हितों से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रश्न उठाते हुए दोहरी फसल उत्पादन के लिए पर्याप्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की।
विधायक कविता प्राण लहरें ने प्रश्न के माध्यम से सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित किया कि महानदी एवं जोंक नदी क्षेत्र से प्रवाहित होने के बावजूद बिलाईगढ़ के अधिकांश किसान सिंचाई सुविधा के अभाव में दोहरी फसल लेने से वंचित हैं। उन्होंने क्षेत्र की सिंचित एवं असिंचित भूमि, वर्तमान सिंचाई योजनाओं तथा नई योजनाओं की जानकारी भी मांगी।
सरकार ने अपने उत्तर में स्वीकार किया कि बिलाईगढ़ विधानसभा क्षेत्र के अधिकांश किसान पर्याप्त सिंचाई सुविधा के अभाव में दोहरी फसल लेने में असमर्थ हैं। उत्तर के अनुसार वर्तमान में क्षेत्र की 47,848 हेक्टेयर भूमि सिंचित तथा 17,278 हेक्टेयर भूमि असिंचित है। दोहरी फसल के लिए मात्र 1,684 हेक्टेयर भूमि ही उपयुक्त सिंचाई सुविधा से लाभान्वित है।
सरकार ने यह भी बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में महानदी पर दो योजनाएँ प्रस्तावित हैं तथा जोंक नदी से संबंधित योजनाओं पर भी कार्यवाही जारी है। इन योजनाओं के पूर्ण होने के बाद तकनीकी परीक्षण एवं डीपीआर के आधार पर क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
इस अवसर पर विधायक कविता प्राण लहरें ने कहा कि बिलाईगढ़ क्षेत्र कृषि प्रधान है और किसानों की आय बढ़ाने के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सरकार से महानदी एवं जोंक नदी के जल का समुचित उपयोग कर शीघ्र नई सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति देने तथा किसानों को वर्षभर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि क्षेत्र के किसान दोहरी फसल लेकर आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।

