छत्तीसगढ़ 24 Live | सूरजपुर | छत्तीसगढ़
प्रारंभिक जांच में अधिकारियों ने आशंका जताई है कि हाल ही में आए आंधी-तूफान के दौरान हाई टेंशन बिजली का तार टूटकर जंगल में गिर गया था। माना जा रहा है कि उसी तार की चपेट में आने से तीनों भालुओं की करंट लगने से मौत हो गई। हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
चिकित्सकों की टीम ने किया पोस्टमार्टम
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। उनके साथ तीन सदस्यीय पशु चिकित्सकों की टीम भी जंगल पहुंची, जिसने नियमानुसार तीनों भालुओं का पोस्टमार्टम किया। इसके बाद वन विभाग ने निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए शवों का अंतिम निस्तारण कर दिया।
हर पहलूओं की जांच में जुटा वन विभाग
वन विभाग अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से जुटाए गए अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की गहन जांच कर रहा है। अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि भालुओं की मौत वास्तव में बिजली के करंट से हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी जिम्मेदार है।
वन्यजीवों की सुरक्षा पर उठे सवाल
एक साथ तीन भालुओं की मौत ने जंगलों में वन्यजीवों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। वन विभाग का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है। रिपोर्ट सामने आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

