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उल्लेखनीय है कि, शनिवार की शाम 4 से 5 बजे के बीच तेंदूपत्ता ठेकेदार राजनांदगांव निवासी योगेश कोटक की मटेवा समिति के अडमागोंदी फड़ से 10 लाख मूल्य का तेंदूपत्ता लोड कर ट्रक डोंगरगांव सघ गोदाम के लिए निकली हुई थी। इसी दौरान केसला गांव के बिजली तार में अचानक हवा के चलते शॉट सर्किट हो गई। बिजली तार के नीचे से गुजर रही तेंदूपत्ता से भरी ट्रक के ऊपर चिंगारी गिरने से आग पकड़ ली। इस दौरान सडक के अगल-बगल घरों को बचाते हुए ड्राइवर जलते हुए ट्रक को किसी तरह गांव से बाहर तालाब तक ले आया। लेकिन गाड़ी और तेंदूपत्ता जलकर खाक हो गया। इस हादसे के बाद केसला गांव में अफरा तफरी मच गई।
ड्राइवर के प्रयास से बची बड़ी घटना
बताया जा रहा है कि केसला गांव मे हवा के बीच बिजली तार के आपस मे टकराने से चिंगारी निकलकर नीचे सड़क पर चल रहे तेंदूपत्ता गाड़ी मे समा गया और देखते ही देखते ट्रक में भीषण आग लग गई। सड़क किनारे के कई घरों मे इस हादसे में आग लगने कि संभावना थी। गांव के भीतर से जलते हुए ट्रक को ड्राइवर ने जोखिम के बीच गांव से बाहर निकाला। तब तक और भीषण आग के बीच ट्रक में लोड पूरा तेंदूपत्ता और गाड़ी जलकर खाक हो गई।
10 लाख का तेंदूपत्ता स्वाहा
राजनांदगांव निवासी तेंदूपता ठेकेदार योगेश कोटक ने जानकारी देते हुए बताया कि मालवाहक में 10 लाख रुपए मूल्य का तेंदूपत्ता लोड था। जो डोंगरगांव गोदाम के लिए निकला हुआ था जो आग के हवाले हो गया।
नहीं मिल पाया फायर ब्रिगेड
हादसे के बीच ग्रामीण और फॉरेस्ट कर्मचारी किसी तरह आग पर काबू पाने मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी जिले में तैनात सरकारी फायर ब्रिगेड को बचाव कार्य के लिए फोन घनघनाते रहे। लेकिन फायर ब्रिगेड उपलब्ध नहीं हो पाई। नई फायर ब्रिगेड की गाड़ियां बिगड़ी हालत में कबाड़ में तब्दील हो रही है। आग जनी के हादसे से निपटने के लिए जिले में किसी तरह का ठोस विकल्प नहीं है।

