अड़बंधा तालाब क्षेत्र में व्यावसायिक परिसर निर्माण का विरोध तेज, विधायक ने कलेक्टर से किया रोक की मांग
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छत्तीसगढ़ 24 Live न्यूज़ | Rohit Cherkiya _____________________________
सारंगढ़-बिलाईगढ़
भटगाँव स्थित अड़बंधा तालाब जलाशय क्षेत्र में प्रस्तावित व्यावसायिक परिसर निर्माण कार्य को लेकर अब जनविरोध तेज होता जा रहा है। बिलाईगढ़ विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती कविता प्राण लहरे ने कलेक्टर सारंगढ़-बिलाईगढ़ को पत्र सौंपकर उक्त निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने तथा मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
विधायक श्रीमती लहरे ने अपने आवेदन में किया उल्लेख
नगर पंचायत भटगाँव द्वारा अड़बंधा तालाब क्षेत्र में व्यावसायिक परिसर निर्माण हेतु 23 दिसंबर 2025 को निविदा जारी की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तावित निर्माण स्थल तालाब जलाशय क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जिससे जल संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन एवं तालाब के अस्तित्व पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
उन्होंने बताया कि विधानसभा बजट सत्र के दौरान पूछे गए प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी गई थी कि जल संसाधन विभाग कसडोल द्वारा निर्माण कार्य हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्रदान किया गया है। किंतु सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त जानकारी में विभाग ने स्पष्ट किया है कि व्यावसायिक परिसर निर्माण हेतु कोई NOC जारी नहीं की गई, बल्कि केवल तालाब सौंदर्यीकरण कार्य की अनुमति दी गई थी।
विधायक ने यह भी कहा
प्रस्तावित निर्माण स्थल राष्ट्रीय राजमार्ग NS-130 B के समीप स्थित है, जहाँ सड़क सुरक्षा नियमों के अनुसार निर्धारित सीमा तक निर्माण कार्य प्रतिबंधित रहता है। साथ ही उन्होंने माननीय सर्वोच्च न्यायालय के जगपाल सिंह बनाम पंजाब राज्य एवं अन्य (2011) प्रकरण का हवाला देते हुए कहा कि तालाब एवं सार्वजनिक उपयोग की भूमि का किसी भी प्रकार से व्यावसायिक उपयोग न्यायालयीन निर्देशों के विपरीत है।
उन्होंने कहा कि अड़बंधा तालाब नगरवासियों एवं आसपास के किसानों के लिए जल स्रोत के रूप में अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि यहां व्यावसायिक परिसर का निर्माण किया जाता है तो इससे जल संरक्षण व्यवस्था, पर्यावरणीय संतुलन एवं जलाशय के अस्तित्व पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इस विषय को लेकर स्थानीय नागरिकों एवं किसानों में भारी आक्रोश एवं चिंता व्याप्त है।
विधायक श्रीमती कविता प्राण लहरे एवं नगरवासियों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जल्द ही निर्माण कार्य पर रोक नहीं लगाई गई तो विधायक, किसान एवं नगरवासी जनआंदोलन करते हुए भूख हड़ताल पर बैठने को बाध्य होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इस संबंध में विधानसभा प्रश्न, जल संसाधन विभाग की जन सूचना, निविदा दस्तावेज, नक्शा-खसरा एवं न्यायालयीन आदेशों की प्रतियां भी आवेदन के साथ संलग्न की गई हैं।

